"शब्दकृतियां" एक छोटी सी कोशिश है, अपने आस-पास के माहौल और लोगों से लिए गए अपने अनुभवों को पूरी दुनिया से रूबरू कराने की... अपनी कलमकारी को संवारने की... और अपने लिए एक छोटा सा आसमान, छोटी सी पहचान खोजने की..... और साथ ही इस बात की भी ताकीद करने की कि कलम में धार बरकरार रहे और दिमाग में जंग ना लगे...:-)
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
तकनीकी विकास से जुड़ा है हमारा क्रमिक विकास
भास्कर में छपा यह छोटा सा समाचार दरअसल विकास और संचार दोनों की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। तकनीक हमारी भाषा ही नहीं, आदतें, योग्यताएं,...
-
वर्ष 1988 में दूरदर्शन पर हर रविवार की दोपहर श्याम बेनेगल द्वारा निर्देशित एक सीरियल प्रसारित हुआ करता था -'भारत एक खोज', जो कि...
-
मछली जल की रानी है, आलू-कचालू बेटा कहां गए थे....दादी नानी के ज़माने की यह कविताएं कहीं खो ना जाएं..मछली जल की रानी है, जीवन उसका पानी है, हाथ लगाओगे डर जाएगी, बाहर निकालोगे मर जाएगी...., चंदा मामा दूर के पूए पकाए भूर के, आप खाए थाली म...
-
आजकल शादियों में लेडीज़ संगीत के नाम पर जो डीजे लगा दिया जाता है और सब लोग अपनी पसंद के गाने चुन-चुन कर उस पर डांस कर लेते हैं, वो तो स...

No comments:
Post a Comment