Friday, 6 September 2013

घरों में काम करने वाली बाईयों, नौकरानियों और हाउसकीपिंग स्टाफ के लिए ट्रेनिंग स्कूल...


अब घर में काम करने वाली बाईयों को गृहकार्य में दक्ष बनाने के लिए भी एक स्कूल की शुरूआत हूई है.....घरों में काम करने की इच्छुक महिलाएं, अपनी शिक्षा, काम के अनुभव और कार्य कुशलता के मुताबिक इस स्कूल में अत्याधुनिक  गैजेट्स से साफ-सफाई करने, बच्चों को संभालने, नए-नए तरीके के खाना और नाश्ते बनाने, टेलीफोन पर इंग्लिश में तहज़ीब से बात करने और यहां तक कि कॉकटेल पार्टीज़ के समय ड्रिंक्स और ग्लासेज को संभालने का भी प्रशिक्षण ले सकती हैं...।

प्रशिक्षण को देने वाले प्रौफेशनल प्रशिक्षक इन हाउस मेड्स को काम-काज ढंग से संभालने के साथ-साथ आत्मविश्वास से रहने, तहज़ीब से बात करने और व्यक्तिगत साफ-सफाई व ग्रूमिंग की भी ट्रेनिंग देते हैं।

इस ट्रेनिंग को पूरा करने के बाद अपनी इन घरेलू काम सीखने वाली छात्राओं को उनकी योग्यता के अनुसार अच्छे घरों में अच्छी तन्ख्वाह पर नौकरी दिलवाने की जिम्मेदारी भी इसी एजेंसी की होती है। कंपनी के अनुसार एक बार घरेलू कार्य का प्रशिक्षण लेने के बाद यह आत्मविश्वास से भरपूर आधुनिक बाईयां छः हज़ार रुपए महीने से 35,000 रुपए महीने तक कमा सकती हैं और साथ ही विदेशों और बड़े औद्योगिक घरों में काम करने का अवसर भी प्राप्त कर सकती हैं।

काम वाली बाईयों को वोकेशनल ट्रेनिंग देने वाले इस इंस्टीट्यूट का नाम है 'रेडी मेड (Ready Maid)'।

यह भारत में अपनी तरह की पहली एजेंसी है। गुड़गांव के सुशांत लोक में स्थित इस कंपनी के ऑफिस के साथ ही 12,000 स्कवायर फिट में एक आधुनिक गैजेट्स और सुख सुविधाओं से पूर्ण ट्रेनिंग सेन्टर बना हुआ है जिसमें योग्य अध्यापक, घरेलू काम करने वाली  नौकरानियों या हाउसकीपिंग स्टाफ को अच्छी हाउसकीपिंग, कुकिंग और बच्चों को संभालने जैसे कामों का प्रशिक्षण देते हैं।

यह एजेंसी मूल रूप से सिनर्जी रिलेशनशिप मैनेजमेंट सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड ( एसआरएमएस) नाम की  संस्था द्वारा भारत में शुरू की गई है। जो पिछल कई सालों से घरेलू काम करने वाली महिलाओं को ट्रेनिंग देकर उन्हें अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों और कॉरपोरेट घरानों में काम दिलवाने में सहयोग कर रही है।

यहां घरेलू काम करने की इच्छुक महिलाओं को एक हफ्ते की वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाती है जिससे वो अच्छी तरह से घर के सारे काम-काज सीख सके।  ट्रेनिंग के दौरान काम सीखने वालों को यहीं रहना पड़ता है। प्रशिक्षण देने से पहले हर महिला के बारे में पूरी जांच पड़ताल और हैल्थ चैकअप करवाया जाता है। प्रशिक्षार्थियों का पुलिस वैरिफिकेशन भी कराया जाता है और इसके बाद ही इन्हें ट्रेनिंग देकर कहीं काम पर लगवाया जाता है।

कम्पनी की वेबसाइट (www.readymaid.in) पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार यहां मुख्यतः चार तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाते हैं-
  • रेडी मेड- उनके लिए जिनको घरेलू काम करने का लगभग तीन साल का अनुभव हो और जिन्होंने या तो केवल प्राथमिक शिक्षा ली हो या फिर अनपढ़ हों। इनके प्रशिक्षण में कपड़े धोना, वैक्यूम क्लीनर इस्तमाल करना, बाथरूम- घर वगैरह साफ करना, बिस्तर बिछाना, रसोई की सफाई, खाना पकाना, खाने पकाने के आधुनिक उपकरणों जैसे माइक्रोवेव, टोस्टर आदि का इस्तमाल करना..., और इसके अलावा टेलीफोन एटीकेट्स और सामान्य तहज़ीब आदि शामिल हैं। 

  • रेडी मेड प्रीमियम-  इस प्रोग्राम में दाखिला लेने वाली लड़कियों को वॉशिंग मशीन से कपड़े धोना, आयरन करना, बेसिक साफ-सफाई के साथ फ्लावर अरेंजमेंट, आधुनिक घरेलू उपकरणों को इस्तमाल करना और उनको संभालना आदि सिखाया जाता है। इनको पार्टी आयोजित करना, बेसिक अंर्तराष्ट्रीय खाना बनाना, सीफूड और अन्य तरीके के खानों की पहचान करना, टेबल सजाना, स्वास्थ्यवर्धक खाना बनाना, हार्ड ड्रिंक्स और ग्लास वगैरह को संभालना सिखाने के साथ पर्सनल ग्रूमिंग की भी ट्रेनिंग दी जाती है।



 





  • रेडी मेड इलीट- यह सबसे उच्चवर्गीय प्रशिक्षण है जिसमें और सब बातों के साथ इंग्लिश स्पीकिंग, राइटिंग, आधुनिक रेसिपीज़ बनाना (सीफूड, बेकरी उत्पाद, कॉकटेल्स, मॉकटेल्स, फाइव कोर्स मील आदि) और आधुनिक घरों में रहने के सारे तौर-तरीके सिखाए जाते हैं। इन्हें बेसिक विदेशी भाषा जैसे इटैलियन, चाइनीज़, मंदारिन आदि भी ज़रूरत और मांग के अनुसार सिखाई जा सकती है।

  • रेडी नैनी- इनको नवजात शिशु से लेकर बड़े बच्चों तक की देखभाल की सारी जानकारी और उनके लिए ज़रूरी भोजन आदि तैयार करने का पूरा प्रशिक्षण दिया जाता है।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन्हें सर्टिफिकेट ऑफ कम्पलीशन दिया जाता है और इसके बाद इन्हें काम के लिए घरों में भेजा जाता है।